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AWPL Gynedoc Ras

AWPL Gynedoc Ras: Uses & Benefits

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Use of Gynedoc Ras (गयनोडॉक रस का इस्तेमाल कैसे करें)

गयनोडॉक रस का इस्तेमाल महिलाओं के शरीर में पैदा होने वाले सभी प्रकार के गुप्त रोगों के इलाज के लिए किया जाता है। इसलिए गयनोडॉक रस को महिलाओं के लिए रामबाण कहा गया है। इसे सभी उमर की महिलाए ले सकती है। आजकल की रोजमर्रा की जिंदगी मैं खान पान की असंतुलंता के कारण महिलाओं में अनेकों प्रकार के रोग उत्पन हो जाते है, जिनके बारे में बहोत से महिलाए तो किसी को बताती भी नही है। इसका इस्तेमाल 10ml गयनोडॉक रस को 90 ml  गुनगुना पानी में मिलाकर दिन में दो बार खाना खाने के आधा घंटा के बाद लिया जाता है। लेकिन हमेशा की तरहा हम यही सुझाव देंगे की हमारे आयुर्वेद डॉक्टर से बात कीये बिना अपनी मर्जी से दवा ना खाए। डॉक्टर से बात करने की कोई फीस नहीं है। अगर डॉक्टर से बात करना चाहते है तो हमे ईमेल करे - support@suryodayawellness.com पर। 

Benefits of Gynedoc Ras (गयनोडॉक रस के फायदे)

1. महिलाओं के शरीर में पैदा होने वाले सभी प्रकार के गुप्त रोगों का इलाज करता है।
2. जिन महिलाओं को शादी के काफी साल होने के बावजूद भी संतान प्राप्ति नही हो रही है उसमे लाभ दायक है।
3. महिलाओं के शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
4. महिलाओं के लिए रामबाण है ये औषधि।

AWPL Wellness Products

आज के दौर में लोग जिंदगी में इतने व्यस्त हो गए हैं कि वो खुद पर ध्यान देने का समय भी नहीं निकाल पाते है। आज के समय में बहुत कम लोग हैं जो स्वास्थयपूर्ण जीवनशैली अपनाते हैं। काम का दबाव, घर-परिवार की जिम्मेदारी, आर्थिक तंगी, बेरोजगारी आदि के कारण लोगों में चिंता, बेचैनी, मानसिक तनाव और अवसाद बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण वे शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ होते जा रहे हैं। अगर इंसान को अपना जीवन लंबे समय तक जीना है तो उनको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना चाहिए, अगर आप मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे तभी आप कोई भी काम आसानी से कर सकते हैं। इसके लिए स्थायी और अच्छे परिणाम के लिए अच्छे उत्पादों का उपयोग करना आवश्यक है, इसके लिए हम AWPL वेलनेस उत्पादों को अपनाने की सलाह देंगे क्योंकि AWPL पिछले एक दशक से ऐसे ही हजारों - लाखों लोगों की बीमारिया सही करने में 100% सफल रहा है।
price/INR-1282 
size/500ml

Type of Disease

1. Disease / Pandemic (महामारी): 

महामारी वो बीमारिया है जो सालों पहले हुआ करती थी, जिनका इलाज आयुर्वेद से हो सकता था लेकिन आम जनता को इनके बारे में जानकारी ना होने के कारण और जब तक लोगों को समझ आता तब तक देर हो जाती थी, और इलाज में देरी होने के कारण इंसान को नहीं बचाया जा सकता था। लेकिन धीरे-धीरे विज्ञान ने तरक्की की और इन सब महामारियों का इलाज ढूंढ निकाला। ये सभी महामारी इस प्रकार से थी:-
(क) मलेरिया 
(ख) डिप्थेरिया 
(ग) चेचक 
(घ) प्लेग 
(च) चिकनफॉक्स 
(छ) हैज़ा 
(ज) क्षय रोग 
(झ) काली खांस

2. Life Style Diseases (जीवन शैली रोग):

Life  Style Diseases  में वो रोग आते है जो आजकल मानव के खान-पान और रहन -सहन से होते है। जैसे की - High Blood Pressure, Heart disease (Heart attack, Silent attack), Obesity (मोटापा), Asthma, Sugar (diabetes), Cancer, Hypertension, Cardio Diseases, Alzheimer, Hair loss, Eye Sight Low, Face fairness loss, Pregnancies Issue, Gyno Problems, Kids growth problems, Piles (बवासीर), Joint Pain Etc. 

Wellness Tips (स्वस्थ रहने की युक्तीया):

Asclepius वेलनेस उत्पाद आपके व्यस्त जीवन में आपके स्वास्थ्य और कल्याण को बनाए रखने में मदद करते हैं। जो की आपको शारीरिक और मानसिक तौर पर मजबूत बनाते है, साथ ही आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको कुछ वेलनेस टिप्स की जानकारी देंगे जिनको फॉलो करके आप जीवन को शुखमय और स्वस्थ बना सकते है। 

It is necessary to have enough sleep (पर्याप्त नींद लेना जरूरी है):

आज के समय में काम ज्यादा है और समय इंसान के पास कम रह गया है। इसके चलते इंसान ठीक तरह से सो नहीं पाता है जिस वजह से उसके शरीर में बहोत सारे विकार उतपन होने लग जाते है जिनका उस इंसान को शुरू में पता नहीं चलता। हर इंसान को दिन में 8 घंटे सोना चाहिए जिससे इंसान शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेगा। सोने से दिमाग को भी अच्छी नींद मिलती है। हर दिन आठ घंटे की नींद लें, ताकि आप स्वस्थ और खुश महसूस कर सकें। मानसिक स्वस्थता पाने का यह सबसे आसान तरीका है।

Be physically active (रोज व्यायाम करते रहिये)

समय का अभाव होने के कारण आज कल इंसान शारीरिक व्यायाम को तो जैसे भूल सा गया है। इंसान को स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन 45 से 60 मिनट व्यायाम करना चाहिए। हर दिन अपना व्यायाम बदल-बदल कर करें। बस आपको शारीरिक रूप से सक्रिय रहना होगा। सामान्य से अधिक व्यायाम करें। व्यायाम करने से आप हृदय रोग, ऑस्टियोपोरोसिस, अवसाद, चिंता जैसी बीमारियों से बचे रहेंगे। सक्रिय रहने से मानसिक सतर्कता भी बढ़ती है।

Herbs must be in the diet (अपने खाने में में जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल जरूर करें):

आज कल आपने देखा होगा की इंसान समय के अभाव के चलते और स्वाद पाने के लिए कुछ भी खा लेता है। चाहे फिर वो उसके शरीर को नुकसान ही क्यू ना पहुचा रही हो। लेकिन अगर आप स्वस्थ रहना चाहते है तो विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियों का सेवन करके आप अधिक दिनों तक मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं। एक शोध के मुताबिक, गुडुची औषधि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करती है। किसी भी तरह के संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। इसके सेवन से आप फिट और स्वस्थ रह सकते हैं। अपनी आवश्यकताओं के आधार पर, उन जड़ी-बूटियों का उपयोग करें जो आपके लक्ष्यों को प्राप्त करने में आपकी सहायता करती हैं। फिर चाहे श्वसन स्वास्थ्य के लिए तुलसी का उपयोग करना हो या संज्ञानात्मक क्षमताओं और याददाश्त बढ़ाने के लिए ब्राह्मी का उपयोग करना हो।

इन वस्तुओ का सेवन ना करें:

Refined Products
Fried Foods
Junk Foods (Pizza, Burger, Samosa, Pakode, Sandwich, Bakeries Items)
Tea
Alcohol
Ice cream which is from Ice-cream parlor (If you want consume ice-cream than made it at home)
Soft-drinks 

Drink water according to your body weight (शारीरिक वजन के अनुसार पानी पिए):

समय के अभाव और काम में व्यस्त होने के कारण भी इंसान दिन में पानी कम पिता है जो की उसके लिए बहोत खतरनाक साबित हो सकता है। क्योंकि पानी शरीर के लिए ऐसा ईंधन है, जिस पर हमारा शरीर काम करता है। शरीर को बेहतर ढंग से काम करने के लिए पानी पीना बहुत जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने से विषहरण, मजबूत पाचन, स्वस्थ त्वचा और बालों में मदद मिलती है। इससे आप संतुलित महसूस करते हैं। इसके लिए रोजाना अपने शरीर के वजन का 10% पनि जरूर पिए। अगर आप इससे ज्यादा पानी पीना चाहते हैं तो यह आपकी जीवनशैली परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

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